Seventh session of the Private Schools and Children Welfare Association held in

Created on: 2021-01-25 09:53:34 | Author: Team Sikshatoday | Home Page | Schools

रांची। बिहार की राजधानी पटना में आयोजित प्राईवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के सातवें अधिवेशन एसोसिएशन से जुड़े सभी प्रदेश अध्यक्षों के साथ ही झारखंड इकाई के अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे ने भी हिस्सा लिया।

इस अधिवेशन में अपने संबोधन में पासवा के झारखंड इकाई के अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे ने अगला नेशनल प्रतिभावन सम्मान समारोह के आयोजन की मेजबानी झारखंड को देने का आग्रह किया। उन्होंने निजी स्कूलों के खिलाफ बन रहे माहौल पर भी चिंता जतायी और शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में निजी स्कूलों की भूमिका का विस्तार से जिक्र किया।  आलोक कुमार दूबे ने अधिवेशन में झारखंड में गठबंधन सरकार द्वारा छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और निजी स्कूलों को मदद पहुंचाने के लिए किये जा रहे कार्यां की भी विस्तार से जानकारी दी।

अधिवेशन में नयी शिक्षा नीति और डिजिटल लिटरेसी पर परिचर्चा । इस अवसर पर पटना माउंट कार्मेल हाई स्कूल की प्रिंसिपल सिस्टर सेरीना को बेस्ट प्रिंसिपल 2021 के लिए सम्मानित किया गया। सम्मेलन में बिहार और विभिन्न प्रदेशों से आए लगभग 300 शिक्षाविदों ने सघन विचार विमर्श किया और विद्यालयों से जुड़े समस्त शिक्षक और छात्र छात्राओं को इक्कीसवीं सदी के महत्वपूर्ण कौशल डिजिटल लिटरेसी और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग द्वारा सशक्त बनाने का निर्णय लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन एडीजी पुलिस डॉ कमल किशोर सिंह,बिहार सरकार के गृह मंत्रालय के विशेष सचिव विकास वैभव विशिष्ट अतिथि अरविंद सिंह प्राईवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शमायल अहमद, झारखण्ड प्रदेश पासवा अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे, राष्ट्रीय सलाहकार डा फरज़ाना शकील अली, दीप प्रज्वलित कर किया।

एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शमायल अहमद ने अपने सम्बोधन में एसोसिएशन के विभिन्न कार्यों से अवगत कराया। उन्होंने स्कूल प्रबन्धकों, प्रधानाचार्यो और शिक्षकों को लाकडाऊन जैसी विशम परिस्थिति में अडिग रहकर बच्चों की शिक्षा निरंतर जारी रखने पर बधाई दी।आज के परिवेश में अध्यापकों की इन सरविस ट्रेनिंग और ब्लेन्डेड लर्निंग की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया। एसोसिएशन के सातवे अधिवेशन में पटना माउंट कार्मल हाई स्कूल की प्राचार्य सिस्टर सेरीना को सत्र 2021 की बेस्ट प्रिंसिपल का अवार्ड मुख्य अतिथि के हाथों दिया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि एडीजी पुलिस डॉक्टर कमल किशोर सिंह ने समारोह में उपस्थित हिंदुस्तान के विभिन्न राज्यों एवं बिहार के 38 जिलों के एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए डिजिटल लर्निंग के ऊपर रोशनी डालते हुए बताया कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से पढ़ना एवं सीखना व्यक्तियों के आत्म-प्रेरणा पर भी निर्भर करती है। यह दौर अब टेक्नोलॉजी से लैस है और समय के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए डिजिटल लर्निंग भी कहीं ना कहीं मुख्य सहायक का रोल निभाने में कारगर साबित होगी। विकास वैभव गृह मंत्रालय के विशेष सचिव ने अपनी बातें देश के सामने रखते हुए डिजिटल लर्निंग के माध्यम से लॉकडाउन में बच्चों को पढ़ाई से जोड़े रखने के लिए एवं घर बैठे ज्ञान का भंडार बच्चों तक पहुंचाने के सफल कार्य की प्रशंसा की।

अरविंद सिंह   द्वारा इस सोच को डिजीनरचर एप  से वास्तविकता में बदलने की पहल की सभी शिक्षाविदों ने प्रशंसा की। सीबीएसई मास्टर ट्रेनर डा फरज़ाना शकील अली ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के स्कूल एजुकेशन भाग पर विस्तृत जानकारी दी और बच्चों को इक्कीसवीं सदी के कौशल एक्सपीरियंशियल शिक्षण-प्रशिक्षण द्वारा  सिखाने के  गुण बताए।

अधिवेशन में आए सभी लोगों ने देशहित में अपने विद्यालय में शिक्षण स्तर में सकारात्मक बदलाव लाने की बात कही।

अधिवेशन में विभिन्न राज्यों एवं बिहार के सभी जिलों के शिष्टमंडल ने भाग लिया जिसमें मुख्य रूप से जम्मू एंड कश्मीर के अध्यक्ष जी एन वार, सचिव ए आर वर्मा, संयुक्त सचिव एम वाई वाणी, तमिलनाडु के सचिव, बिलाल नटटर, हरियाणा की संयुक्त सचिव मौनिका डिसूज़ा, कर्नाटक के अध्यक्ष अफशद अहमद, चंडीगढ़ अध्यक्ष राकेश बंसल, उत्तर प्रदेश अध्यक्षा फरजाना शकील अली, झारखंड अध्यक्ष आलोक दुबे, सचिव तौफीक अहमद, पंजाब की महासचिव चेतन बंसल, राष्ट्र सचिव मावेन कौवल, राष्ट्रीय संयुक्त सचिव डॉक्टर एसपी वर्मा, डॉक्टर बी प्रियम, डॉक्टर देवानंद झा, डॉक्टर हरेंद्र सिंह, तारीक अली खान, एस ए एच आब्दी, मोहम्मद अनवर, सुशीला सिंह, कन्हैया प्रसाद, अब्राहम अल्बर्टा, इफत रहमान,सहित 300 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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