It is expected that soon school will be opened for children from class one to ni

Created on: 2020-12-22 04:49:57 | Author: Team Sikshatoday | Home Page | Schools

Ranchi:  प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन (पासवा) के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे ने राज्य सरकार द्वारा 21 दिसंबर से 10वीं व 12वीं क्लास के विद्यार्थियों के लिए ऑफलाइन पढ़ाई की इजाजत दिये जाने के फैसले का स्वागत करते हुए सभी स्कूल प्रबंधनों को निर्देश दिया है कि कोविड-19 को लेकर जारी गाइडलाइन का पूर्णतः पालन करते हुए पठन-पाठन सुनिश्चित करायी जाए।

पासवा के प्रदेश अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे ने कहा कि कोरोना संक्रमणकाल में स्कूल खुलने के बावजूद बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहे, अभिभावकों को भी अगर बहुत जरुरत हो तभी  पूर्ण सैनिटाइजेशन के बाद ही अंदर आने की अनुमति दी जाए, वहीं स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के लिए सोशल डिस्टेसिंग के साथ बैठने, मास्क की अनिवार्यता,सैनिटाइजर के अलावा आइसोलेशन वार्ड की भी व्यवस्था होनी चाहिए।श्री दूबे ने सभी प्राइवेट स्कूलों को गाइडलाइन जारी करते हुए कहा है की प्रैक्टिकल की तैयारियों के मद्देनजर हर स्कूल में आइसोलेशन वार्ड एवं मेडिकल की सुविधा हर स्थिति में सुनिश्चित की जाए।

आलोक कुमार दूबे ने कहा कि राज्य सरकार ने 10वीं व 12वीं के बच्चों ऑफलाइन पढ़ाई की अनुमति दे दी और अब यह उम्मीद है कि जल्द ही कक्षा एक से नौवीं तक के बच्चों के लिए भी स्कूल खोलने की अनुमति मिल जाएगी। इसके ऑड एंड इवेन फॉर्मूला या अभिभावकों की सहमति से 33 फीसदी बच्चों को रोस्टर के अनुसार स्कूल आने की अनुमति दी जा सकती है। दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए पासवा ने पहले भी सरकार से यह मांग की थी कि अविलंब विद्यालय खोले जाऐं। आलोक दूबे ने कहा कि हमारा मानना है कि कोरोना के साथ जीवन को आगे बढ़ाते हुए पठन-पाठन के कार्य को अब और अधिक रोकना नुकसानदेह साबित होगा।

उन्होंने बताया कि इस संबंध में जल्द ही पासवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद के रांची आने पर एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से भी मुलाकात करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले से अब सूबे के शिक्षकों-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन नहीं करना पड़ेगा।

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