All schools in Jharkhand should be opened-Private Schools and Children's Welfare

Created on: 2021-03-18 11:32:47 | Author: Team Sikshatoday | Home Page | Schools

 

Ranchi:  प्राइवेट स्कूल्स एण्ड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन (पासवा) की राज्य इकाई का प्रांतीय सम्मेलन आज 18 मार्च को रांची के शिवानी इंटरनेशनल होटल हीनू में सम्मेलन का उद्घाटन संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शमायल अहमद, झारखंड सरकार में वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव,स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, कृषि मंत्री बादल पत्रलेख एवं प्रदेश अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे ने किया। पासवा ने एकदिवसीय सम्मेलन में निजी स्कूलों की समस्या की ओर राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया गया। वहीं राज्य के वित्त एवं खाद्य आपूर्ति डॉ0 रामेश्वर उरांव, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता और कृषि मंत्री बादल ने सम्मेलन में हिस्सा लेकर निजी स्कूल संचालकों और छात्र-छात्राओं तथा अभिभावकों की समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया।

वित्तमंत्री डॉ0 रामेश्वर उरांव ने सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अभी भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भी के विभिन्न देशों में कोरोना संक्रमण के दूसरे लहर का खतरा उत्पन्न हुआ है। ऐसे में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है और सरकार भी हर पहलुओं को ध्यान में रखकर आवश्यक कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि वे खुद निजी स्कूल में अपनी पढ़ाई की है और ऐसे में निजी स्कूलों की समस्याओं से अवगत है,झारखंड के निजी विधालय अच्छा काम कर रही है, कोरोना संक्रमणकाल में निजी स्कूलों का टैक्स और बिजली बिल माफ करने के संबंध में पूछे गये एक प्रश्न के उत्तर में डॉ0 उरांव ने कहा कि इस संबंध में सरकार विचार-विमर्श के बाद फैसला लेगी। उन्होंने निजी स्कूल संचालकों की अन्य समस्याओं के समाधान का भी भरोसा दिलाया।

इस मौके पर स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन मंत्री बन्ना गुप्ता ने बताया कि कोरोना संक्रमण की स्थिति पर सरकार पूरी तरह से नजर बनाये हुए हैं,यही कारण है कि आठवीं से नीचे के कक्षा में अभी पढ़ाई नहीं शुरू की गयी है। कोरोना संक्रमण काल में करीब 13 महीने से नर्सरी से लेकर आठवीं कक्षा तक के बंद स्कूलों को खोलने के संबंध में पूछे गये सवाल के जवाब में आपदा प्रबंधन मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री स्तर पर इस संबंध में नीतिगत निर्णय लिया जाएगा, लेकिन वे निजी स्कूल संचालकों से भी सहयोग की अपेक्षा रखते है। उन्होंने निजी स्कूल संचालकों से अपील की कि वे कोरोना संक्रमण काल में प्रभावित अभिभावकों को राहत दें।

इस मौके पर पासवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शमायल अहमद ने कहा कि कोरोना संक्रमणकाल में देशभर में निजी स्कूल संचालकों को कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा है,ऐसे में केंद्र और राज्य सरकारों से सहयोग की अपेक्षा है।उन्होंने कहा कि देश के सभी राज्यों में शिक्षा का अधिकार कानून 2009 में लागू हुआ, लेकिन भाजपा सरकार ने 2019 में झारखंड में एक साजिश के तहत इस कानून को खत्म करने की साजिश रची गई, इससे देशभर में संचालित निजी स्कूलों का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि वर्ष 2009 में लागू शिक्षा के अधिकार कानून को ही शत-प्रतिशत तरीके से झारखंड में लागू किया जाए।

सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए  पासवा सवा के प्रदेश अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे ने कहा कि करीब 14 महीने से नर्सरी से लेकर आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई बंद है। कुछ स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था जरूर की गयी है, लेकिन इस दौरान छोटे बच्चों की पढ़ाई जहां बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं, वहीं निजी स्कूल संचालकों के समक्ष भी गंभीर आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गयी है। ऐसे में सशर्त्त निजी स्कूलों को खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए, ताकि राज्य में संचालित करीब 20 हजार से अधिक निजी स्कूल के संचालकों, शिक्षक-शिक्षिकाओं, कर्मचारियों के साथ-साथ इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों की कठिनाई दूर हो सके।

इस मौके पर डीएवी स्कूल के प्रिंसिपल एम.के.सिन्हा ने उम्मीद जतायी कि पासवा आने वाले समय में निजी स्कूलों की आवाज को बुलंद करने वाला सशक्त संस्था के रूप में उभर कर सामने आएगा और  निजी स्कूल भी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में सफल होंगे।

सीबीएसई जिप्सा के प्रदेश अध्यक्ष अभय मिश्रा,केरेली स्कूल के प्राचार्य सीजे जैकब,संत जेवियर स्कूल के प्राचार्य फादर संजय केरकेट्टा,सचिदानन्द ज्ञान भारती स्कूल के संचालक अमरेश कुमार श्रीवास्तव, जाने माने चिकित्सक व शिक्षाविद डा जमील अहमद,पासवा के प्रदेश महासचिव लाल किशोर नाथ शाहदेव,डा राजेश गुप्ता छोटू,एसके तामंग ने भी अपने विचार प्रकट किये।

 

रांची के हिनू स्थित होटल शिवानी इंटरनेशनल में आयोजित एकदिवसीय प्रांतीय सम्मेलन में मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव, मंत्री बन्ना गुप्ता और मंत्री बादल पत्रलेख की गरिमामयी उपस्थिति में कई बिंदुओं पर चर्चा के उपरांत महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए हैं। जिन प्रस्तावों को पारित किया गया, उनमें प्रमुख रूप से  झारखंड सरकार एक अप्रैल से कक्षा नर्सरी से लेकर आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए भी स्कूल खोलने की अनुमति प्रदान करने की मांग शामिल है। बताय गया कि निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिनियम (आरटीई) 2009 का कानून के तहत पूरे देश में बीपीएल गरीब बच्चों को 25 प्रतिशत सीट पर निःशुल्क शिक्षा लेने का विशेष अधिकार दिया है तथा इस अधिनियम के अंतर्गत सभी प्राइवेट स्कूलों को मान्यता देने का प्रावधान है। आरटीई कानून को तत्कालीन भाजपा सरकार ने 2019 में संशोधन कर ऐसे मानक जोड़ दिये, जिसे निजी विद्यालयों के लिए पूरा करना असंभव है। 2019 के कठिन मानकों, शर्त्तां तथा मापदंडों के कारण गली, मुहल्ले, गांव में अच्छी शिक्षा प्राप्त कर रहे गरीब आदिवासी, दलित पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक बच्चे, बच्चियों की पढ़ाई बंद हो जाएगी।

.पासवा की ओर से राज्य सरकार से आग्रह किया गया है कि निः शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिनियम 2009 के कानून को पूरी तरह से झारखंड में लागू किया जाए। कोरोना काल के दौरान 2020-21 में अभिभावकों की तरफ से फीस नहीं आये हैं, ऐसे में पासवा राज्य सरकार से निवेदन करती है कि सभी प्रकार के टैक्स और बिजली बिल माफ किये जाएं। बहुत ऐसे विद्यालय है,जो आर्थिक तंगी के कारण बंद हो गये है,ऐसे विद्यालयों को बैंकों से ऋण मुहैय्या कराने के लिए आवश्यक कदम उठाये जाएं। संगठन की ओर से विभिन्न सरकारी स्कूलों में जो लाभ (पुस्तक,कॉपी,पेन, बैग, पोशाक आदि) बच्चों को उपलब्ध करायी जाती है, वह लाभ निजी विद्यालयों को भी मुहैय्या कराने की भी मांग की गयी है।

प्रस्ताव में कहा गया कि शिक्षा के क्षेत्र में आज भी उम्मीद की रौशनी निजी विद्यालयों में है। आये दिन निजी विद्यालयों के खिलाफ एक वातावरण तैयार किया जा रहा है, जो उचित नहीं है। राज्य में लगभग बीस हजार से अधिक प्राइवेट स्कूल है, जिसमें लाखों स्कूल संचालक, शिक्षक, शिक्षिकाएं, कर्मचारी, ड्राइवर, खलासी, चपरासी और अन्य कई लोगों का परिवार बच्चों के अभिभावकों की ओर से जमा किये जाने वाले शुल्क से चलता है और ऐसे में प्राइवेट स्कूलों को भी राज्य सरकार से संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता है।

सम्मेलन का संचालन श्रीमती हरविंदर कौर एवं सुप्रिता झा ने.किया जबकि पासवा के प्रदेश महासचिव तौफिक अंसारी ने प्रस्ताव प्रस्तुत किया।धन्यवाद ज्ञापन सुश्री निशा भगत ने की।कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गीत के साथ संपन्न हुआ।सम्मेलन में राज्य भर के प्रतिनिधि शामिल हुए जिसमें चतरा के जिला अध्यक्ष नीरज सहाय,बोकारो जिला अध्यक्ष विधा गौतम, अध्यक्ष ,गिरीडीह जिला अध्यक्ष अजय कुमार सिन्हा,पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष सुभाष उपाध्याय,प्रदेश उपाध्यक्ष अनीश अहमद,डा बीएनपी वर्णवालडॉक्टर बीएनपी वर्णवाल, विनीता पाठक,रुबी कुजूर,अनिल कुमार, मुमताज आलम, प्रवीण कुमार, दिलीप कुमार यादव, हीरामन मिस्त्री,नीलकंठ वर्णवाल, राजेश कुमार, मुन्ना वर्मा, मनीष सिंह, रामचंद्र कुमार, नितेश सिंह, आनंद भारती, पंकज कुमार मुख्य रुप से उपस्थित थे।

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